जो सच्चे राष्ट्र भक्त हैं, खुद पर इतना तो एहसान करें।
बाकी सारी बातें छोड़ें, सबसे पहले मतदान करें।।
ये वक्त नहीं वह, जब सुभाष ने रक्त हमारा माँगा था।
आज़ाद, भगत सिंह, बिस्मिल ने, जब हँसकर जीवन त्यागा था।
जब वीर शिवा ने अफ़ज़ल को नख से कर डाला था विदीर्ण,
जब मर्दानी जाज्वल्यमान थी, गोरा-बादल जागा था।।
हम आज मात्र इतना कर लें, बलिदानों पर अभिमान करें।
बाकी सारी बातें छोड़ें…
जब राष्ट्र संगठित हो, अगणित अनुदान बरसते ईशों से।
हमको बनना है जगद्गुरु, अब पुनः दैव-आशीषों से।
डलती हैं राष्ट्र-यज्ञ में जब निष्काम कर्म की आहुतियाँ,
तब रुके नहीं रुकता प्रवाह, दुनिया के सत्ताधीशों से ।
गर यह भारत “माँ” है, तो माँ का इतना तो सम्मान करें।
बाकी सारी बातें छोड़ें…
जो अभी नहीं चेते, वे कल ना पूछें “हमने क्या पाया?”
जो अभी पड़े हैं निष्क्रिय, कल ना बोलें “सब प्रभु की माया!”
उज्ज्वल भविष्य के स्वप्न सँजोए कल जो पीढ़ी आएगी,
कल बिलख-बिलख कर गाएगी, ये गीत जो हमने ना गाया।
अपने कल को
चाहे बिसरें, उनके कल का निर्माण करें।
बाकी सारी बातें छोड़ें…


भारत माता कि जय
ReplyDelete🔥🎯🌞
ReplyDeleteबाकी सारी बातें छोड़ें, सबसे पहले मतदान करें💐🙏
अत्यंत सुंदर
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